हाथरस । युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की इकाई नेहरू युवा केन्द्र हाथरस के तत्वाधान में जिला युवा अधिकारी दिव्या शर्मा एवं लेखा एवं कार्यक्रम सुपरवाइजर ऊषा सक्सेना के नेतृत्व में किया जा रहा है।
जिला युवा अधिकारी दिव्या शर्मा ने कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत 2.0 कार्यक्रम में युवाओं को प्रत्येक दिन प्रत्येक गॉव से पूरे अक्टूबर महीने में सिंगल यूज प्लास्टिक को संग्रहित कर उसका निस्तारण करना है। उन्होने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रेरित किया जायेगा। उन्होने युवाओं को बताया कि आप सभी को मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, सरकारी कार्यालयों, स्वैच्छिक संस्थाओं, आदि के आस-पास सफाई कर एवं सडक पर साफ-सफाई कर वेस्ट प्लास्टिक को एकत्रित करना है। स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उददेश्य वेस्ट प्लास्टिक को एकत्रित कर उसे सही माध्यम से डिस्ट्राय करना है, जिससे यह पर्यावरण को कोई हानि न पहुंचाए। उन्होने कहा कि महात्मा गॉधी जी ने कहा था कि जो परिवर्तन आप दुनिया में देखना चाहते हैं वह सबसे पहले अपने आप में लागू करें महात्मा गॉधी जी द्वारा कहा गया यह कथन जो कि स्वच्छता पर ही आधारित है। उनके अनुसार स्वच्छता की जागरूकता की मशाल सभी लोगों में पैदा होनी चाहिए स्वच्छता से न केवल हमारा तन साफ रहता है हमारा मन भी साफ रहता है। जिला युवा अधिकारी दिव्या शर्मा ने सभी युवाओं को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
नेहरू युवा केन्द्र, की लेखा एवं कार्यक्रम सहायक श्रीमती ऊषा सक्सेना ने कहा कि स्वच्छता न केवल हमारे घर या सडक तक के लिए ही जरूरी नहीं है यह पूरे देश और राष्ट्र की आवश्यकता होती है स्वच्छता से न केवल हमारा घर स्वच्छ रहेगा पूरा देश ही स्वच्छ रहेगा। इसी के मददेनजर यह अभियान चलाया जा रहा है जिसमें शहर से लेकर प्रत्येक गॉव में स्वच्छता अभियान चलाकर उसको प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास करना है। उन्होने युवाओं को बताया कि इस अभियान के तहत जनपद के प्रत्येक गॉव सामूहिक कार्यक्रम एवं घर घर जाकर अभियान चलाया जायेगा और एक गॉव से कम से कम 10 किलो वेस्ट प्लास्टिक स्वयं सेवकों और युवा मण्डलों के सदस्यों द्वारा एकत्रित किया जायेगा तथा उस वेस्ट प्लास्टिक को डिस्ट्राय कराया जायेगा।
इस अवसर पर युवाओं ने प्लास्टिक उपयोग न करने की शपथ ली और श्रमदान भी किया। इस अवसर पर रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया कि धरती पर भारत के सबसे अधिक प्रदूषित और गंदा देश माना जाता हैं इसमें रहनेवाला कोई भी व्यक्ति नकार नहीं सकता है, अधिकतर झील और नदियां रासायनिक तत्वों से गंभीर रूप से जहरीली हो चुकी हैं, अधिकतर शहरों, खासकर उत्तर भारत की हवा निर्धारित मानकों से बहुत अधिक प्रदूषित हैं। प्लास्टिक का उपयोग करने से पर्यावरण दूषित होता है।
नेहरू युवा केन्द्र द्वारा चल रहे क्लीन इंडिया के बैनर तले पॉलिथीन मुक्त भारत के तहत विकास खण्ड- हाथरस के रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैर्न्ड में प्लास्टिक मुक्त इंड़िया अभियान के तहत सभी प्रकार की वेस्ट पॉलिथीन एवं प्लास्टिक बोतल,और पॉलिथीन पैकेट को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संतोष कुमार, गौरव कुमार, सचिन, वेन्देल आदि ने वेस्ट प्लास्टिक को इकट्ठा किया गया। राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक संतोष कुमार ने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार देश के शहरों से रोजना 4,059 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। इसमें से सिर्फ 60 प्रतिशत यानी 15,384 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित या रिसाइकल किया जाता है। बाकी नदी-नालों के जरिए समुद्र में चला जाता है या फिर उसे जानवर खा लेते है। इन आकड़ों से अनुमान लगाया जा सकता है कि हमारे देश में कितना प्लास्टिक दूषित होता है।
कार्यक्रम में संतोष कुमार, गौरव कुमार, सचिन वेन्देल, सुधीर कुमार, अंजुल, रोहित, शानू आदि का सहयोग सराहनीय रहा।